उम्र भर यूं चले प्यार का सिलसिला
अलविदा बोल कर अब कहां तू चला
मैं संभल जाऊंगा थोड़ी मोहलत दो दो
जख्म भरता नहीं प्यार में जो गला
Sagar Samrat
अलविदा बोल कर अब कहां तू चला
मैं संभल जाऊंगा थोड़ी मोहलत दो दो
जख्म भरता नहीं प्यार में जो गला
Sagar Samrat
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